कानपुर में 3200 करोड़ के बैंक घोटाले का खुलासा, स्क्रैप कारोबारी महफूज अली गिरफ्तार
3200 crore bank scam exposed in Kanpur
कानपुर। विभिन्न बैंकों में 68 खाते खुलवाकर लगभग 3200 करोड़ के लेनदेन का आरोपित टेनरी व स्क्रैप कारोबारी महफूज अली उर्फ पप्पू छूरी वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 12वीं पास महफूज मजदूरों, पेंटरों, सब्जी-फल विक्रेताओं को बीमा कराने और अन्य लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड समेत कागजात लेकर फर्जी फर्में बनाकर खाता खुलवाता था।
16 फरवरी को शहर में एक लूट की घटना के बाद महफूज का नाम सामने आया था। तबसे वह बेटे फैज के साथ एक करोड़ रुपये लेकर कोलकाता में अपने साढ़ू के घर छिपा हुआ था। उसने बताया कि उसे एनकाउंटर का डर था। एक दलाल के माध्यम से मामला खत्म कराने आया, तभी पकड़ा गया।
पकड़े जाने के बाद वह बीमार भी हो गया। उर्सुला अस्पताल में इलाज के बाद गुरुवार दोपहर उसे डिस्चार्ज कर जेल भेज दिया गया। उसने जीएसटी चोरी व हवाला कारोबार करने वाले इस गिरोह का सरगना अधिवक्ता फिरोज खान को बताया है।
महफूज ने पुलिस को 50 से ज्यादा स्क्रैप, स्लाटर व टेनरी कारोबारियों के नाम बताए हैं, जिनके रुपयों को म्यूल खातों में डलवाकर तीन से पांच प्रतिशत कमीशन लेकर उन लोगों को नकदी दे देता था। उसका बंगाल, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली तक नेटवर्क फैला है।
जांच में उसके बैंकों में लगे तीन टीडीएस छूट प्रमाण पत्र (एपीएमसी) फर्जी निकले, जिससे पुलिस अब बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता के साथ मनी लांड्रिंग की भी जांच कर रही है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि महफूज अली मूलरूप से गाजीपुर का रहने वाला है, जो वर्तमान में जाजमऊ में रह रहा है। उसे सेंट जोसेफ स्कूल के पास से गिरफ्तार किया गया। उसने अपनी पत्नी शायदा, बेटे फैज, बेटी एनम, भाई मिशब, साले मेहताब, उसके बेटा मासूम व अन्य के नाम पर बनी फर्मों के आइडीबीआइ बैंक फूलबाग शाखा समेत 12 बैंकों में 68 खाते खुलवाए थे।
शुरुआती जांच में 1600 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन मिला था। इसके बाद आयकर, जीएसटी समेत अन्य विभागों के साथ पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो 3200 करोड़ का लेनदेन निकला। जिन लोगों के खातों में रकम मंगाई, उन्हें इसकी भनक तक नहीं थी।
जांच के दौरान उनसे बातचीत में राज खुला। पीड़ितों ने महफूज व उसके परिवार पर चकेरी और जाजमऊ थानों में छह मुकदमे दर्ज कराए हैं। उन्होंने बताया कि महफूज पूरे गिरोह का मोहरा था। इसके ऊपर भी कई स्क्रैप, स्लाटर व टेनरी कारोबारी हैं।
कई बोगस फर्मों के माध्यम से जीएसटी के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी), आयकर की चोरी के साथ हवाला का कारोबार किया जा रहा था। ताहिर, अजमेरी, रुस्तम, मैस, अलाना, बक्श इंटरप्राइजेज, एआइ एलाइड, अलामा टेडर्स, फिरोज खान, नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू, रिजवान, रवि इंटरप्राइजेज, कार्तिक, क्लासिक इंटरप्राइजेज, वेदिका, जैमिको, राधारानी इंटरप्राइजेज समेत 50 फर्मों से महफूज के खातों में रुपये आते थे। यह पूरा मामला 16 फरवरी को यशोदानगर के वासिद व अरशद के साथ 25 लाख रुपये की लूट की जांच के बाद सामने आया था। पुलिस उसके साले व बेटे को भी जेल भेज चुकी है।